हजारीबाग
हजारीबाग में हुई ऐसी शादी, जिसे देखकर हर आंख नम हो गई. आपने शाही शादियां देखी होंगी. बड़े-बड़े होटलों की चमक देखी होगी. नेताओं, अफसरों, फिल्मी सितारों और करोड़पतियों की भव्य शादी भी देखी होगी. लेकिन हजारीबाग की इस शादी ने लोगों के दिल जीत लिए. यह शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं थी. यह टूटी उम्मीदों, बिखरे सपनों और अधूरे जीवन को नया सहारा देने की कहानी थी.
पूजा के लिए फ़रिश्ता बनकर आये राजेश
हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड के पगार गांव की रहने वाली पूजा कुमारी बचपन से ही दिव्यांग हैं. आंखों से दुनिया नहीं देख पाने वाली पूजा ने जीवन में कई दर्द सहे. समाज के ताने, लोगों की बातें, और भविष्य की चिंता ने परिवार को भी कई बार रुलाया. मां-बाप की सबसे बड़ी चिंता थी. आखिर उनकी बेटी का हाथ कौन थामेगा? लेकिन कहते हैं ना भगवान देर करता है, अंधेर नहीं. बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड के कथारा निवासी राजेश कुमार पूजा की जिंदगी में फरिश्ता बनकर आए. उन्होंने समाज की परवाह नहीं की. लोगों की सोच को पीछे छोड़ दिया और पूजा को अपनी जीवनसंगिनी बनाने का फैसला लिया. राजेश ने सिर्फ शादी नहीं की. उन्होंने पूजा को सम्मान दिया, भरोसा दिया, और जीने की नई वजह दी. जब पूजा दुल्हन बनीं तो सिर्फ उनकी आंखें नहीं, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं. मां-बाप की दुआएं छलक रही थीं. परिवार की वर्षों पुरानी चिंता खत्म हो चुकी थी और पूजा के चेहरे पर वह मुस्कान थी, जिसका इंतजार शायद बरसों से था.

प्यार आंखों से नहीं, दिल से होता है
ग्रामीणों की भारी भीड़ इस शादी को देखने पहुंची. हर कोई यही कह रहा था आज भी इंसानियत जिंदा है आज भी सच्चे दिल वाले लोग इस दुनिया में हैं. पूरे शादी समारोह की व्यवस्था झारखंड मुक्ति मोर्चा हजारीबाग के रामा सोनी ने की. जिस बेटी के भविष्य को लेकर मां-बाप हर रात रोते थे. आज उसी बेटी की विदाई खुशी के आंसुओं के साथ हुई और एक युवक ने साबित कर दिया प्यार आंखों से नहीं, दिल से होता है.
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